
_भारतीय विदेश सेवा के पदाधिकारी ने_
धनबाद के विकास कार्यों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा
भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 2010 बैच के पदाधिकारी मो. शाहिद आलम ने आज मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत झारखण्ड परिदर्शन के अन्तर्गत धनबाद जिले का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने जिले के शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सुविधाओं और औद्योगिक परियोजनाओं का जायजा लिया।
दौरे की शुरुआत बाबूडीह स्थित मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र से हुई। यहाँ बच्चों को दी जा रही पोषण सामग्री, प्रारंभिक शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को देखा। इसके बाद उन्होंने सदर अस्पताल के कुपोषण उपचार केंद्र, बाल चिकित्सा वार्ड और कंगारू मदर केयर यूनिट की कार्यप्रणाली को देखा। उन्होंने मरीजों को मिल रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया।
शैक्षणिक व्यवस्था और शिक्षक प्रशिक्षण के तहत उन्होंने बरमसिया स्थित मध्य विद्यालय का दौरा कर पठन-पाठन के स्तर और स्कूल के बुनियादी ढांचे का अवलोकन किया। साथ में झरिया क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय भालगोड़ा, प्राथमिक विद्यालय खास झरिया का दौरा कर शिक्षा की गुणवत्ता और विशेष रूप से चल रहे शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम से रूबरू हुए।
भ्रमण के अगले चरण में वे बास्तकोला और राजापुर ओपन कास्ट प्रोजेक्ट पहुंचे। यहाँ सुरक्षा मानकों, उत्पादन लक्ष्यों और पर्यावरण अनुकूल खनन प्रक्रियाओं को देखा। उन्होंने आईआईटी (आईएसएम) की क्रिटिकल मिनरल ऑब्जर्वेटरी का भी भ्रमण किया।
दौरे के अंतिम चरण में भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के पदाधिकारी मो. शाहिद आलम ने उपायुक्त श्री आदित्य रंजन के साथ बैठक की। जिसमें दोनों पदाधिकारियों ने दिनभर के भ्रमण पर चर्चा की।
वहीं भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के पदाधिकारी मो. शाहिद आलम ने कहा कि आईआईटी (आईएसएम) की क्रिटिकल मिनरल ऑब्जर्वेटरी धनबाद के लिए गौरवशाली है। इसके शुरू हो जाने से यह ऑब्जर्वेटरी धनबाद को गौरवान्वित करेगी। धनबाद का नाम विश्व पटल पर उभर कर सामने आएगा। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सुविधाओं पर संतुष्टि व्यक्त की। कहा इन क्षेत्रों में जिला प्रशासन ने जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य किया है।
भ्रमण के दौरान डीएमएफटी टीम लीडर श्री शैलेश तिवारी भी मौजूद थे।





